Dhara 144 Kya Hai ? Isko Todne Par Kya Saza Milti Hai ?

Dhara 144 Kya Hai

अक्सर हम सभी सुनते हैं, देखते हैं या पढ़ते हैं कि पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा एक सौ चवालीस लगा दी है ! कहीं भी किसी भी शहर में हालात बिगड़ने की संभावना या किसी घटना के बाद धारा एक सौ चवालीस लगा दी जाती है ! तो आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताने वाला हूँ कि आखिर धारा Dhara 144 Kya Hai ? और इसका वॉयलेशन करने पर क्या क्या सजा हो सकती है ? और धारा एक सौ चवालीस कहा लगाई जाती है चलिए शुरू करते हैं !

क्या है धारा एक सौ चवालीस ? सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा एक सौ चवालीस शांति व्यवस्था कायम करने के लिए लगाई जाती है ! इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है ! और जीस जगह भी यह धारा लगाई जाती है वहाँ चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं ! इस धारा को लागू किए जाने के बाद उसे स्थान पर हथियारों के लाने और ले जाने पर रोक लगा दी जाती है !

 

क्या है सजा का प्रावधान ?

Dhara 144  का वॉयलेशन करने वाले या इस धारा का पालन न करने वाले व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है ! उस व्यक्ति की गिरफ्तारी धारा एक सौ सात या फिर धारा एक सौ इक्यावन के तहत की जा सकती है ! इस धारा का उल्लंघन करने वाले या पालन नहीं करने वाले आरोपी को एक एक साल कैद की सजा भी हो सकती है ! वैसे ये एक जमानत या अपराध है इससे इसलिए इसमें जमानत हो जाती है !

 

क्या है दंड प्रक्रिया संहिता ? यानी सीआरपीसी दंड प्रक्रिया संहिता नाइनटीन सेवेंटी थ्री कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर नाइनटीन सेवेंटी थ्री ! भारत में आपराधिक कानून के क्रियान्यवन के लिए मुख्य कानून है ये सर नाइनटीन सेवेंटी थ्री में पारित हुआ था ! इसे देश में एक अप्रैल नाइनटीन सेवेंटी फ़ोर को लागू किया गया था !

दंड प्रक्रिया संहिता का संक्षिप्त नाम यानी शोर्ट नेम सीआरपीसी है ! जब कोई अपराध किया जाता है तो सदैव दो प्रक्रिया है दो पुरुष होते हैं ! जिन्हें पुलिस अपराध की जांच करने में अपनाती हैं ! एक प्रेस पीड़ित के संबंध में होता है और दूसरा आरोपी के संबंध में होता है !तो सीआरपीसी में इन दोनों पुरुष इसका ब्योरा दिया गया है !

 

Dhara 144 तोड़ने पर सजा 

खराब व्यवहार की इजाजत नहीं देता है कानून कुछ प्रकार के मानव व्यवहार ऐसे होते हैं जिनकी कानून इजाजत नहीं देता ! ऐसे व्यवहार करने पर किसी व्यक्ति को उसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं ! खराब व्यवहार को अपराध या गुनाह कहते हैं और उसके नतीजे को दंड यानी सजा कहा जा सकता है ! Dhara 144  तोड़ने पर एक साल की कैद सीआरपीसी की धारा एक सौ चवालीस शांति व्यवस्था कायम करने के लिए लगाई जाती है !

 

जो भी व्यक्ति इस धारा का पालन नहीं करता है या इस धारा का वॉयलेशन करता है ! तो फिर पुलिस उस व्यक्ति को धारा एक सौ सात या फिर धारा एक सौ इक्यावन के तहत गिरफ्तार कर सकती है ! इस प्रकार के मामले मैं एक साल की कैद भी हो सकती है ! वैसे ये जमानती अपराध है इसलिए इसमें जमानत आसानी से मिल जाती है !

 

जानिए क्या है धारा 144 और ये क्यों लगाई जाती है

सीआरपीसी की धारा एक सौ चवालीस में यह प्रावधान भी किया गया है कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नोटिफिकेशन जारी कर सकता है ! जिसके तहत यह प्रावधान किया गया है कि जीस इलाके में भी ये निषेधाज्ञा यानी धारा एक सौ चवालीस लागू की जाती है ! वहाँ पांच या उससे ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठे नहीं हो सकते हैं !

अगर पांच या इससे ज्यादा लोग इकट्ठे होते हैं तो पुलिस के द्वारा उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है ! सुप्रीम कोर्ट के वकील डीबी गोस्वामी गोस्वामी के मुताबिक ये एक निषेधात्मक आदेश है ! धारा एक सौ चवालीस किसी विशेष जिले थाने या तहसील में लगाई जा सकती है ! जीस इलाके में भी धारा एक सौ चवालीस लगी होती है वहाँ पांच या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं ! साथ ही हथियारों के लाने और ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है !

 

इस धारा का इस्तेमाल शांति कायम रखने के लिए किया जाता है ! जब भी प्रशासनिक अधिकारी को अंदेशा हो के इलाके में शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है ! तो यह धारा लगाई जा सकती है ! इसका उल्लंघन करने वालों को पुलिस धारा एक सौ सात एक सौ इक्यावन के तहत गिरफ्तार करती है !

 

धारा 144 आईपीसी

गिरफ्तारी के बाद उसे इलाके के एसडीएम या एसपी के सामने पेश किया जाता है ! क्योंकि एक अपराध जमानती है, इसलिए बेल बॉन्ड भरने के बाद आरोपी को रिहा करने का इसमें प्रावधान किया गया है ! निषेधाज्ञा के उल्लंघन के मामले में पुलिस संदिग्ध को उठाकर किसी दूसरे इलाके में भी पहुंचा सकती है ! और जीस इलाके में निषेधाज्ञा लगी हो, वहाँ आने से रोक सकती है !

 

Dhara 144 Kya Hai  ? :-निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले शख्स ने मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के दौरान अगर बेल बॉन्ड नहीं भरा ! तो उसे जेल भेज दिया जाता है इस मामले में ज्यादा से ज्यादा एक साल की कैद हो सकती है ! निषेधाज्ञा के उल्लंघन के दौरान पुलिस कई बार आईपीसी की धारा एक सौ अट्ठासी यानी सरकारी आदेश को न मानने के तहत केस दर्ज कर सकती है ! ऐसे मामले में ज्यादा से ज्यादा एक महीने की कैद या दो सौ रुपये जुर्माने का प्रावधान है !

 

गोस्वामी के मुताबिक अगर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले ने दंगा फसाद किया हो ! या सरकारी काम में बाधा डाली हो ! या फिर मारपीट की हो तो उन मामलों में अलग से आईपीसी की धाराएं लगाए जाने का प्रावधान है !

 

तो दोस्तों आज के इस लेख में आपने जाना कि Dhara 144 Kya Hai ? कहाँ लगती है ? और इसका विश्लेषण करने पर क्या क्या सजा मिल सकती है ? अगर आपको लेख अच्छा लगा है तो उसको लाइक कीजिए ! अपने फ्रेंड्स के साथ शेयर कीजिए !

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